
राष्ट्र निर्माण पार्टी की प्रासंगिकता
इस समय देश मेंअनेक राष्ट्रीय पार्टियां तथा सैकडों क्षेत्रीय पार्टियां कार्यरत हैं।ऐसी स्थिति में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि इतनी पार्टियों की भीड होते हुये भी एक नयी पार्टी के गठन की क्या आवश्यकता है? अधिकांशतः सभी राजनैतिक पार्टियां देश के त्वरित आर्थिक विकास को केन्द्र में रखकर अपनी योजनायें बनाती हैं। राजमार्ग, हवाई अड्डे , बड़े बड़े पुल , कारखाने, फैक्ट्रियां , कम्युनिकेशन ,ट्रांसपोर्ट ,कम्प्यूटर ,बैंकिंग सेक्टर ,सैटलाइट्स आदि का निर्माण एवं विकास, आर्थिक गतिविधियों के विस्तारण एवं सशक्तीकरण के लिये किया जाता है।सभी पार्टियों की शासन व्यवस्थायें इस विषय पर प्रायः एकमत हैं।हो सकता है वे किसी जाति विशेष को या मत -पन्थ विशेष को शासन की नीतियों में प्राथमिकता देते हों, पर सारी नीतियों का केन्द्र बिन्दु आर्थिक विकास ही रहता है।उनका चिन्तन अर्थ से प्रारम्भ होकर अर्थ पर ही समाप्त होता है।दूसरे शब्दों में ये सारी पार्टियां शुद्ध रूप से भौतिकवादी या भोगवादी चिन्तन का ही प्रतिनिधित्व करती हैं।कहने को कम्युनिष्ट पार्टी की राजनैतिक विचारधारा साम्यवादी व्यवस्था पर आधारित है, जब कि भाजपा व कांग्रेस पूंजीवाद व समाजवाद के बीच में झूल रहे हैँ।ये सभी पार्टियां वैचारिक रूप से एक दूसरे के घोर विरोधी दिखायी देते हुये भी धरातल पर एक ही जगह खडी हैं।क्योंकि इन सबका चिन्तन अर्थ या भौतिकता पर ही केन्द्रित रहता है। राष्ट्र निर्माण पार्टी आर्थिक विकास को आवश्यक मानते हुये भी ‘ मानव केन्द्रित विकास ‘ को प्राथमिकता देती है।
RNP Team
Rashtra Nirman Party
राष्ट्र निर्माण पार्टी
राष्ट्र निर्माण पार्टी का ध्येय वाक्य है ‘ राष्ट्र हित सर्वोपरि ‘। इसका अभिप्राय है कि हमारी पार्टी और भावी सरकार जो भी निर्णय लेगी वे व्यक्ति,समाज ,पार्टी ,मत -पंन्थ ,जाति , क्षेत्र आदि के हितों से ऊपर उठकर केवल राष्ट्र हित में किये जायेंगे। सभी निर्णय समानता के सिद्धान्त पर किये जायेंगे। उदाहरण के लिये यदि गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति दी जानी है तो वे छात्र जो गरीबी रेखा में आते हों ,सभी को छात्रवृत्ति दी जायेगी।जाति ,धर्म या क्षेत्र विशेष के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात किसी के साथ नहीं किया जायेगा।सारे नीतिगत निर्णय इसी प्रकार बिना किसी भेदभाव या पक्षपात के किये जायेंगे।
पार्टी का सिद्धांत
देश की सीमाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जायेगी।जिससे कारगिल या गलवान क्षेत्र में हुई घुसपैठ जैसी घटनायें घटित न हो सकें। साथ ही विदेशी नागरिक अवैध रुप से प्रवेश न कर सकें। सीमाओं की सुरक्षा के लिये सीमान्त क्षेत्रों का पूर्ण विकास , आधुनिक अस्त्र शस्त्रों से सुसज्जित सेना तथा आधुनिक पुलिस बल सुनिश्चित करने के लिये आवश्यक आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराये जायेंगे।
राजनैतिक चिन्तन का आधार
OUR INSPIRATION

स्वामी दयानंद सरस्वती
महर्षि दयानन्द का समाज सुधार में व्यापक योगदान रहा।

स्वामी श्रद्धानंद
स्वामी श्रद्धानन्द को भारत के प्रसिद्ध महापुरुषों में गिना जाता है।

रानी लक्ष्मी बाई
मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की

चंद्रशेखर आजाद
चंद्रशेखर आजाद 14 वर्ष की आयु में बनारस गए और वहां

भगतसिंह
भगत सिंह को भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन के सबसे

सुखदेव
सुखदेव का पूरा नाम सुखदेव थापर था। वे भारतीय

लाला लाजपत राय
लाला लाजपत राय (28 जनवरी 1865– 17 नवम्बर 1928)

गुरुदत्त विद्यार्थी
पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी (२६ अप्रैल १८६४ - १८९०), महर्षि दयानन्द

महाराणा प्रताप
महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के मेवाड़ में

शिवाजी महाराज
छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा सम्राट थे। इतिहास के पन्नों
Anand Kumar Speaks
हमारे कार्यक्रम और आयोजन
राष्ट्र निर्माण पार्टी के ‘हमारे कार्यक्रम और आयोजन’ अनुभाग में, हम समाज के हर वर्ग और वर्ण के लोगों के हित में उन्नति की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे कार्यक्रम और आयोजन ऐसे होंगे जो समाज के अन्योन्य सदस्यों को समान अवसर प्रदान करेंगे, न केवल आर्थिक रूप से बल्कि उनके शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास को भी समर्थ बनाएंगे। हमारा ध्येय है कि सभी क्षेत्रों में समानता और न्याय के साथ उत्कृष्टता की प्राप्ति के लिए प्रयास किया जाए, जिससे समृद्धि और समाजिक समरसता का माहौल बना रहे।








Our Gallery

संगीत कार्यक्रम
राष्ट्र निर्माण पार्टी की तरफ से दिनांक-:11-मार्च-2024 सोमवार को

जन आक्रोश रैली
दिनांक 2-मार्च-2024 को राष्ट्र निर्माण पार्टी की जन आक्रोश रैली नई दिल्ली

गुजरात प्रदेश कार्यकर्णी की बैठक
4-फरवरी-2024, को गुजरात के अहमदाबाद में राष्ट्र निर्माण पार्टी की गुजरात





